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mahavir aarti

खाटू श्याम आरती (Khatu Shyam Aarti)

ॐ जय श्री श्याम हरे,


बाबा जय श्री श्याम हरे ।


खाटू धाम विराजत,


अनुपम रूप धरे॥


ॐ जय श्री श्याम हरे,


बाबा जय श्री श्याम हरे ।

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रतन जड़ित सिंहासन,


सिर पर चंवर ढुरे ।


तन केसरिया बागो,


कुण्डल श्रवण पड़े ॥


ॐ जय श्री श्याम हरे,


बाबा जय श्री श्याम हरे ।



गल पुष्पों की माला,


सिर पार मुकुट धरे ।


खेवत धूप अग्नि पर,


दीपक ज्योति जले ॥


ॐ जय श्री श्याम हरे,


बाबा जय श्री श्याम हरे ।



मोदक खीर चूरमा,


सुवरण थाल भरे ।


सेवक भोग लगावत,


सेवा नित्य करे ॥


ॐ जय श्री श्याम हरे,


बाबा जय श्री श्याम हरे ।



झांझ कटोरा और घडियावल,


शंख मृदंग घुरे ।


भक्त आरती गावे,


जय-जयकार करे ॥


ॐ जय श्री श्याम हरे,


बाबा जय श्री श्याम हरे ।



जो ध्यावे फल पावे,


सब दुःख से उबरे ।


सेवक जन निज मुख से,


श्री श्याम-श्याम उचरे ॥


ॐ जय श्री श्याम हरे,


बाबा जय श्री श्याम हरे ।



श्री श्याम बिहारी जी की आरती,


जो कोई नर गावे ।


कहत भक्त-जन,


मनवांछित फल पावे ॥


ॐ जय श्री श्याम हरे,


बाबा जय श्री श्याम हरे ।



जय श्री श्याम हरे,


बाबा जी श्री श्याम हरे ।


निज भक्तों के तुमने,


पूरण काज करे ॥


ॐ जय श्री श्याम हरे,


बाबा जय श्री श्याम हरे ।



ॐ जय श्री श्याम हरे,


बाबा जय श्री श्याम हरे।


खाटू धाम विराजत,


अनुपम रूप धरे॥


ॐ जय श्री श्याम हरे,


बाबा जय श्री श्याम हरे ।


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